Sambhaji bhide biography in hindi
संभाजी भिडे
संभाजी भिडे | |
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जन्म | संभाजी भिडे सबनिसवाडी, सतारा, महाराष्ट्र, भारत |
राष्ट्रीयता | भारतीय |
पेशा | हिंदुत्ववादी सामाजिक कार्यकर्ता |
कार्यकाल | तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे, अब श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्थान से कार्य देखते हें। |
संभाजी भिडेमहाराष्ट्र से एक हिन्दुत्ववादी कार्यकर्ता हैं। वर्तमान में वे श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्थान के संस्थापक एवं प्रमुख हैं। वे अपने समर्थको के बीच "भिडे गुरुजी" के नाम से लोकप्रिय हैं।[1] तक वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे, किन्तु कुछ विवाद के कारण अलग होकर एक नया संगठन बनाकर कार्य करने लगे, जिसकी मूल भावना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ही करीब थी। आगे चलकर उन्होने में श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्थान की स्थापना की।
संभाजी भिडे का नाम भीमा कोरेंगाव हिंसा भडकाने मे भी सामने आया था, जो मामला अभी कोर्ट में है।[2]
प्रारंभिक जीवन
[संपादित करें]भिडे महाराष्ट्र के सांगली जिले के रहने वाले है। उनका जन्म सतारा जिले के सबनिसवाडी में हुआ था। उनकी आयु ८७ वर्ष है (कब?)।[3]नरेंद्र मोदी भिडे गुरुजी को अपना प्रेरणा स्थान मानते हैं।[4][5]
कार्यक्षेत्र
[संपादित करें]भिडे गुरुजी वर्ष तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे। उनका कार्यक्षेत्र जादातर पूरा महाराष्ट्र है जहां उन्होने आरएसएस का संगठन स्तर पर काम शुरू किया था। खुदका कट्टर हिंदुत्व पर आधारित ऐसा संघटन शुरू किया जिसका नाम रखा गया, 'श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्थान'जो छत्रपती शिवाजी महाराज और धर्मवीर संभाजी महाराज के तत्व विचारोंपर और कट्टर मराठा हिंदूत्व आधारित हें। ।[6][7][8]
विवाद
[संपादित करें]वर्ष में उनके संगठन ने दूसरे संगठनों के साथ मिलकर जोधा-अकबर फ़िल्म का विरोध किया था, जिसके बाद पुरे महाराष्ट्र कें ज़िलों में काफ़ी हिंसा हुई थी।[उद्धरण चाहिए]
पंढरपुर के विट्ठल की यात्रा को महाराष्ट्र में काफ़ी महत्वपूर्ण माना जाता है, पुणे में जून में इन पर इस यात्रा को अवरुद्ध करने का आरोप लगा था।[उद्धरण चाहिए] यह घटना भी काफी विवादित हुयी।
तीसरी घटना महाराष्ट्र के पुणे के पास भीमा कोरेगांव में 1 जनवरी की है, जहां की हिंसा की आंच पूरे महाराष्ट्र में फैल गयी। उल्लेखनीय है कि दलित समाज ने 1 जनवरी में हुये ईस्ट इंडिया कंपनी की पेशवाओं पर जीत के रूप में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस युद्ध में दलितों ने ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से युद्ध किया था। दलित समाज इसे असमानता एवं अन्याय पर जीत के रूप में मनाता है। इस दौरान कई हिंदूवादी संगठनों ने इसका विरोध किया जिस कारण हिंसा हुई। 1 जनवरी के केरगाव भिमा में जयस्तंभ को अभिवादन करने आये हुए लोंगो जातिवादी लोगों द्वारा पथराव और मारपीठ हुई। उनकी गाडीयों को भी तोडा और जलाया गया। इसका आरोप संभाजी भिडे पर लगा, क्योंकी उन्होंने हिंसा के कुछ दिन पहले वहां के सवर्णो को दलितों के खिलाफ चेताया था। प्रकाश आम्बेडकर ने इस हिंसा के विरोध में 3 जनवरी को 'महाराष्ट्र बंद' का अवाहन किया, इसे बडा समर्थन मिला और उस बंद में भिडे की गिरप्तारी की मांग उठाई गई। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने कोरेगाव हिंसा के जांच के लिए एक 'सत्यशोधक समिती' गठीत की, इस कमिटी ने संभाजी भिडे को कोरेगाव हिंसा के आरोप से रीहा किया|[9][10]
व्यक्तिगत जीवन
[संपादित करें]भिडे गुरुजी अत्यन्त साधारण तरीके से जीवन बिताते हैं। वो ब्रह्मचारी जीवन में राहते हें। उनके खाने और रहने का इंतज़ाम उनके कार्यकर्ताओं (धारकरी) के ज़िम्मे रहता है। वह सफ़ेद रंग का एक धोती-कुर्ता पहनते हैं और चप्पल नहीं पहनते हैं। एक त्यागी का जीवन और उनका जीवन एक ही हे। उनके श्लोक बहोत लोगोंको पसंद आते हैं।[3][11][12]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑बीबीसी हिन्दी, कौन हैं संभाजी भिडे जिन पर है भीमा-कोरेगांव हिंसा के आरोप, मूल से 9 फ़रवरी को पुरालेखित
- ↑"A beseech in HC against Bhide". मूल से 4 अगस्त को पुरालेखित.
- ↑ अआअली, याक़ूत (22 जून ). "'मोदी के गुरु' संभाजी के नासा विज्ञानी होने का सच". मूल से 23 जून को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 30 सितंबर वाया
- ↑"Who is that man with Narendra Modi?". 15 December मूल से 15 जनवरी को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 23 जनवरी
- ↑"इस बुजुर्ग का रुतबा जान हो जाएंगे हैरान, मोदी भी मानते हैं ORDER - India Assemblage AajTak". मूल से 9 जनवरी को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 23 जनवरी
- ↑"Shiv Sena asks BJP visit allow event to mark killing of Afzal Khan". 11 November मूल से 9 जनवरी को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 23 जनवरी वाया The Budgetary Times.
- ↑"Narendra Modi takes a dig at Congress sooner than Sunday rally". 6 January मूल से 9 जनवरी को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 23 जनवरी
- ↑"'शिवाजी महाराजांचा पुतळा समुद्रात कशाला?'-Maharashtra Times". मूल से 9 जनवरी को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 23 जनवरी
- ↑"कोरेगाव भिमा दंगलीत भिडे, एकबोटेंचा हात - सत्यशोधन समिती". 20 January मूल से 22 सितंबर को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 21 अगस्त
- ↑"Case against Sambhaji Bhide, set attendants for `obstructing' waari". मूल से 9 जनवरी को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 23 जनवरी
- ↑"आजादी के बाद शासकों ने भारत के इतिहास को सच्चे परिपेक्ष्य में समाज तक पहुंचने ही नहीं दिया: श्री मोदी". मूल से 9 जनवरी को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 23 जनवरी
- ↑"This video is unavailable". Best video clip, most viewed - . मूल से 9 जनवरी को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 23 जनवरी